शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
बटुक भैरव आपदुद्धारक मूल मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबटुक भैरव आपदुद्धारक मंत्र / संरक्षण मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव (बाल स्वरूप)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बाल स्वरूप बटुक भैरव! मेरी आपत्तियों (संकटों) का उद्धार करें, शीघ्र उद्धार करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी प्रकार की विपत्तियों और संकटों का तत्काल निवारण, सुरक्षित जीवन
विस्तृत लाभ
सभी प्रकार की विपत्तियों और संकटों का तत्काल निवारण, सुरक्षित जीवन 7।
जप काल
मंगलवार या कालाष्टमी को, लाल वस्त्र धारण कर मध्यरात्रि या प्रदोष काल में जप 19।
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