शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ घनश्यामाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपघनश्याम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शारीरिक वर्ण वर्षा ऋतु के मेघों के समान सुंदर साँवला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शांति
विस्तृत लाभ
शांति
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि। पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः॥
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ कमलामखलोलाक्षाय नमः
ॐ वराहाय नमः
ॐ ऋक्षवानरसङ्घातिने नमः