शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ ज्योतिष्मत्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम ज्योति (ब्रह्म-प्रकाश) को धारण करने वाली को नमन 18।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अणिमादिसिद्धिदात्र्यै नमः
ॐ वल्ली देवसेनासमेत श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः
ॐ श्री हनुमते नमः॥
ॐ भूधरात्मजाय नमः।
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवासुरमनुष्यबोधः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः