शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ परब्रह्मणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो निर्गुण-सगुण परब्रह्म के साक्षात् अवतार हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक उन्नति
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक उन्नति
जप काल
एकांत में
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कण्ठं पातु हरिप्रिया।
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ ज्वालिन्यै नमः
ॐ गिरिशाय नमः
ॐ शम्भवे नमः