शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ज्येष्ठा लक्ष्मी मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ऐं, ह्रीं, श्रीं बीज शक्तियों से युक्त, स्वयंभू ज्येष्ठा लक्ष्मी को मेरा नमन है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संपत्ति का संरक्षण और नेतृत्व की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
संपत्ति का संरक्षण और नेतृत्व की प्राप्ति।
जप काल
स्थिर लग्न में जप 25।
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