शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
बल्लाळेश्वर मंत्र
ॐ बल्लाळेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारअष्टविनायक मूल मंत्र
स्वरूपबल्लालेश्वर (पाली)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बल्लालेश्वर (भक्त बल्लाळ के इष्ट) को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर के प्रति अटूट भक्ति और संकटों से त्वरित रक्षा
विस्तृत लाभ
ईश्वर के प्रति अटूट भक्ति और संकटों से त्वरित रक्षा।
जप काल
पाली पीठ का स्मरण करते हुए।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ लोहिताक्षाय नमः
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ महाचन्द्राय नमः
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
ॐ अष्टसिद्धिप्रदायै देव्यै नमः