शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ भीमसेनसहायकृते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभीम-सखा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महाभारत में भीमसेन की ध्वजा पर बैठकर सहायता करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अण्डमाय अवनी आहि अरीयोणप् पोरुळ ताहि
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः।
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
ॐ चन्द्ररूपायै नमः