शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ भुजङ्गभूषणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपनागेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्पों को आभूषण रूप में पहनते हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्प-भय और विष से रक्षा
विस्तृत लाभ
सर्प-भय और विष से रक्षा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ नारायणाय नमः
ॐ सत्यवाचे नमः
ॐ कमलप्रियायै नमः
ॐ वरीयाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8