परशुराम मंत्र
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
युवाओं में चरित्र-निर्माण, इन्द्रिय निग्रह और ब्रह्मचर्य व्रत के पालन में दृढ़ता
विस्तृत लाभ
युवाओं में चरित्र-निर्माण, इन्द्रिय निग्रह और ब्रह्मचर्य व्रत के पालन में दृढ़ता।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कर्दमेन प्रजाभूता मयि सम्भव कर्दम। श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम्॥
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ रामभक्ताय नमः
ॐ करामर्षायै नमः
ॐ नानावेषाय नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥