शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ दशबाहवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदश-भुजाधारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दस भुजाओं वाले विराट तांत्रिक स्वरूप को धारण करने वाले भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रकृत्यै नमः
ॐ कामपालाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ह्स्सौः हूँ फट् नील सरस्वत्यै स्वाहा।
ॐ कल्याण्यै नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ शङ्कुकर्णमहाकर्णप्रमुखाद्यभिवन्दिताय नमः