परशुराम मंत्र
ॐ धुरन्धराय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मांड के सबसे बड़े धुरंधर (भार उठाने वाले) हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता
विस्तृत लाभ
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
ॐ गन्धर्वकुलपावन्यै नमः
ॐ पार्वत्यै नमः
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
ॐ वेदात्मने नमः