शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ दुर्दर्शाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतीव्र तेज स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके प्रचंड तेज के कारण उनका दर्शन दुर्लभ और कठिन है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आंखों की सम्मोहन शक्ति में वृद्धि
02
जिससे शत्रु आँख मिलाने का साहस न कर सके
विस्तृत लाभ
आंखों की सम्मोहन शक्ति में वृद्धि; जिससे शत्रु आँख मिलाने का साहस न कर सके।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः। छन्दोभ्योऽध्यमृतात्सम्बभूव। स मेन्द्रो मेधया स्पृणोतु। अमृतस्य देव धारणो भूयासम्॥
ॐ शङ्कुकर्णमहाकर्णप्रमुखाद्यभिवन्दिताय नमः
ॐ अशेषगोपीमण्डलपूजितायै नमः
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
ॐ जितमित्राय नमः।