शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ गन्धर्वकुलपावन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो गन्धर्व कुल को पवित्र करने वाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला-जगत (गायन/वादन) में प्रसिद्धि
विस्तृत लाभ
कला-जगत (गायन/वादन) में प्रसिद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणी। द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ प्रभवे नमः।
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
ॐ भगवते नमः
ॐ महते नमः
अहं सुवे पितरमस्य मूर्धन् मम योनिरप्स्वन्तः समुद्रे। ततो वि तिष्ठे भुवनानु विश्वोतामूं द्यां वर्ष्मणोप स्पृशामि॥