शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ हरये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के दुखों को हर लेते हैं, उन श्री हरि को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वाण्यै नमः
ॐ कमलायै नमः
ॐ नारायणाय नमः (पाञ्चरात्र दीक्षा)
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ विश्वजनन्यै नमः