ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

परशुराम मंत्र

ॐ जगद्व्यापिने नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

स्वरूपसर्वव्यापक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो इस पूरे ब्रह्मांड के अणु-अणु में व्याप्त हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

किसी भी जीव से घृणा न करने का भाव

02

संकीर्णताओं से पूर्ण मुक्ति

विस्तृत लाभ

किसी भी जीव से घृणा न करने का भाव; संकीर्णताओं से पूर्ण मुक्ति।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

मंत्र | Pauranik