शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ ज्ञानचक्षुषे नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ज्ञान रुपी तीसरे चक्षु वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वागीशा यस्य वदने लक्ष्मीर्यस्य च वक्षसि। यस्यास्ते हृदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं आद्या कालिके परमेस्वरि स्वाहा॥
ॐ अध्यक्षरायै नमः
ॐ कर्पूरकारणाह्लादायै नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमानन्दाद्वैतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः