शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ कल्याणप्रकृतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका मूल स्वभाव (प्रकृति) ही केवल जीवों का कल्याण करना है।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अहं राष्ट्री सङ्गमनी वसूनां चिकितुषी प्रथमा यज्ञियानाम्। तां मा देवा व्यदधुः पुरुत्रा भूरिस्थात्रां भूर्यावेशयन्तीम्॥
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवतः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ नियमाय नमः
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर
ॐ कीलिकायै नमः