शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सामान्य त्रि-अक्षरी मंत्र
ॐ क्रीं काली
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमूल उपासना मंत्र
स्वरूपमहाकाली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे पूर्ण ज्ञान और शुभत्व की अधिष्ठात्री देवी काली, मैं आपको नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चेतना की शुद्धि और ज्ञान-प्राप्ति
विस्तृत लाभ
चेतना की शुद्धि और ज्ञान-प्राप्ति।
जप काल
किसी भी समय स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जप।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम संतान बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय हुं
ॐ दण्डकारण्यपुण्यकृते नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ ज्वालाचक्राय स्वाहा – शिरसे स्वाहा
ॐ सत्यज्ञानायै नमः