परशुराम मंत्र
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेशनाशाय
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
वासुदेव पुत्र श्रीकृष्ण, जो परमात्मा हैं और शरणागतों के समस्त क्लेशों (कष्टों) का नाश करते हैं, उन्हें मेरा साष्टांग नमन है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के संघर्षों, मानसिक संताप, तनाव और कष्टों का त्वरित निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के संघर्षों, मानसिक संताप, तनाव और कष्टों का त्वरित निवारण 52।
जप काल
घोर संकट के समय या नित्य प्रातःकाल।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अध्यक्षरायै नमः
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ कामाद्याय नमः
ॐ धीराय नमः
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥