शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ कुहूभर्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकाल-चक्र स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अमावस्या (कुहू) के स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अमावस्या दोष शान्ति
विस्तृत लाभ
अमावस्या दोष शान्ति
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ सेनान्ये नमः
ॐ देवाय नमः
ॐ अघोराय नमः
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो घोरघोरतरीभ्यश्च। सर्वतः शर्व सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्ररूपेभ्यः॥
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥