शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
अग्नि पुराण आधारित गायत्री - 1
ॐ महोदराय विद्महे महाजठराय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारगायत्री मंत्र
स्वरूपमहोदर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हम महोदर को जानते हैं, उन महाजठर का ध्यान करते हैं। वे दन्ती हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर ले जाएं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा और उदर रोगों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा और उदर रोगों से मुक्ति।
जप काल
स्वास्थ्य लाभ के संकल्प के साथ।
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