शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ मङ्गलायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र मंगल करने वाली देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये दशावतारात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
अहं राष्ट्री सङ्गमनी वसूनां चिकितुषी प्रथमा यज्ञियानाम्। तां मा देवा व्यदधुः पुरुत्रा भूरिस्थात्रां भूर्यावेशयन्तीम्॥
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ विश्वहराय नमः
ॐ ईशान्यां पातु भद्रो मे सर्वमंगलदायकः