शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ब्रह्मांडीय कमल से उत्पन्न होने वाली देवी को नमन 57।
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पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ क्षोभणाय नमः।
ॐ करवालप्रियाकन्थायै नमः
ॐ वकारनृपदेवस्त्रीचोरभूतारिमोहनाय नमः
ॐ सदाकृष्णकुतूहल्यै नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥