ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

परमहंस गायत्री मंत्र

ॐ परमहंसाय विद्महे महाहंसाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपहंस अवतार
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम महाहंस स्वरूप भगवान का ध्यान करते हैं; वे हमें उचित-अनुचित का विवेक प्रदान करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विवेक (Discrimination) की जागृति और सत्य-असत्य का ज्ञान

विस्तृत लाभ

विवेक (Discrimination) की जागृति और सत्य-असत्य का ज्ञान 66।

जप काल

गहन ध्यान के समय।

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