शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ पावकात्मजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअग्निपुत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पावक (अग्नि) के पुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंतःकरण की अशुद्धियों का दहन
विस्तृत लाभ
अंतःकरण की अशुद्धियों का दहन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
वाजश्च मे प्रसवश्च मे प्रयतिश्च मे प्रसितिश्च मे धीतिश्च मे क्रतुश्च मे...
ॐ तीर्थपादाय नमः
ॐ सुवर्णदृष्ट्यै नमः
ॐ शृङ्गारिणे नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥