शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ रामकथालोलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकथा-प्रेमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जहाँ भी श्री राम की कथा होती है, वहाँ सुनने के लिए सदैव आतुर रहने वाले।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।
श्री राम जय राम कोदण्ड राम
ॐ महेशाय नमः
ॐ वृषाकपये नमः
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे। नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले॥