शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ सत्यव्रताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसत्य प्रतिज्ञ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपनी प्रतिज्ञाओं (व्रत) पर सदैव अडिग रहते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकल्प सिद्धि
विस्तृत लाभ
संकल्प सिद्धि
जप काल
व्रत के समय
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः। आयुरारोग्यमैश्वर्यं तस्य पुण्यफलप्रदम्॥
ॐ पावन नरसिंहाय नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ दुर्गमात्मस्वरूपिण्यै नमः
ॐ पिङ्गलाय नमः
ॐ महातेजसे नमः