शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ शरच्चन्द्रायुतप्रभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशरद-चंद्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शरद पूर्णिमा के हजारों चंद्रमाओं के समान प्रभा वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उग्रता और क्रोध की समाप्ति
02
शीतलता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
उग्रता और क्रोध की समाप्ति; शीतलता की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः
अधरौष्ठं हृषीकेशो दन्तपंक्तिं गदाग्रजः । रासेश्वरश्च रसनां तालुकं वामनो विभुः ॥
जलेषु मां रक्षतु मत्स्यमूर्तिर् यादोगणेभ्यो वरुणस्य पाशात्
व्लूं (Vlūm)
दयासुदृष्टिं कुरुतां मयि श्रीः! सुवर्णदृष्टिं कुरु मे गृहे श्रीः॥
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।