शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ शौरये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपशूरसेन-वंशज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शूरसेन के वंशज (शौरि) भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वीर सन्तान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
वीर सन्तान की प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नानावेषाय नमः
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि। तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ उदारकीर्तये नमः
ॐ व्यापकात्मिकायै नमः