शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
एकादशाक्षर सिद्ध लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रीं, ह्रीं, क्लीं बीजों से युक्त देवी सिद्ध लक्ष्मी को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग
विस्तृत लाभ
असाध्य कार्यों की सिद्धि, राजयोग।
जप काल
मंगलवार की रात्रि में लाल वस्त्र धारण कर 25।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कालाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ कमलासनवासिन्यै नमः
ॐ वैकुण्ठाय नमः