शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ श्रीवत्सकौस्तुभधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपऐश्वर्य स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वक्षस्थल पर श्रीवत्स और कौस्तुभ मणि धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दरिद्रता नाश हेतु
विस्तृत लाभ
दरिद्रता नाश हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ तारिकायै नमः / ॐ ह्रीं
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥
ॐ भोक्त्रे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विष्ण्विन्द्रादिदेवात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कदलीपुष्पसम्प्रीतायै नमः