ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

परशुराम मंत्र

ॐ स्कन्धौ मे पातु भद्रोऽसौ स्कन्ध-भुजायुधः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपकंधे / भद्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

दिव्य आयुधों से सुसज्जित भुजाओं वाले प्रभु मेरे कन्धों की रक्षा करें। (उत्तरदायित्व वहन करने की शक्ति)।

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