ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने हेतु मंत्र

तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसम्पुट मंत्र / काम्य उपासना मंत्र।
स्वरूपविवाह-मंडप में उपस्थित राम-सीता व परिजन।
लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

पुत्र या पुत्री के विवाह में हो रहे अनुचित विलंब को दूर कर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

पुत्र या पुत्री के विवाह में हो रहे अनुचित विलंब को दूर कर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति 12।

जप काल

अनुष्ठान के रूप में, दीपक प्रज्वलित कर रुद्राक्ष या तुलसी की माला से।

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अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ विष्णुप्रियाय नमः

व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥

यँ यँ हनुमते फल फक्रिया हौत धग् धग् आयुरस्व प ख हेति फट्॥

ॐ इन्दुशीतलायै नमः

ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥

ॐ ज्वालाचक्राय स्वाहा – शिरसे स्वाहा