शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
त्रिपुरासुर का अंत करने वाले शिव की शक्ति
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ देव्यै नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ मूर्त्यै नमः
ॐ अमोघदृशे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये पञ्चाग्निः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ पद्मनाभाय नमः