शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ वल्लीवदनपद्मार्कय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसूर्य-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वल्ली के मुख रूपी कमल को प्रफुल्लित करने वाले सूर्य रूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवनसाथी के मुख पर सदैव प्रसन्नता लाना
विस्तृत लाभ
जीवनसाथी के मुख पर सदैव प्रसन्नता लाना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं श्रीं हंसः ह्लसौं स्वाहा।
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
ॐ हराय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ वरीयाय नमः
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ 17