शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ विभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वश्रेष्ठ रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वश्रेष्ठ, सर्वसमर्थ और सर्वव्यापक हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना
विस्तृत लाभ
समाज में व्यापक प्रभाव, ऐश्वर्य और प्रभुत्व की स्थापना।
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ॐ आनन्दाय नमः
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
ॐ क्लीं ऐं नमो भगवते रघुनन्दनाय रक्षोघ्न विषधाय मधुरप्रसन्न-वदनाय अमिततेजसे बलाय रामाय विष्णवे नमः क्लीं ऐं ॐ
ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
ॐ रुद्राय रोगनाशाय आगच्छ च राम् ॐ नमः