परशुराम मंत्र
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशुतेजस्विनी, या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
जो लाल कमल में निवास करती हैं, अत्यंत तेजस्विनी हैं, रक्त वस्त्र धारण करती हैं, श्री हरि की सखी हैं और मन को आह्लादित करती हैं, वे भगवती मेरी रक्षा करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
देवी की प्रसन्नता और मानसिक आनंद
विस्तृत लाभ
देवी की प्रसन्नता और मानसिक आनंद 53।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शुभकराय नमः
ॐ कमनीयविभूषणायै नमः
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
ॐ जामदग्निजाय नमः
ॐ अक्षराय नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8