शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ अघमर्दिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपापहारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जन्म-जन्मांतर के घोर अघों (पापों) का मर्दन (नाश) कर देते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जानबूझकर या अनजाने में किए गए जघन्य पापों के अपराध-बोध से मुक्ति
विस्तृत लाभ
जानबूझकर या अनजाने में किए गए जघन्य पापों के अपराध-बोध से मुक्ति।
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ॐ कदलीहोमसन्तुष्टायै नमः
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥
ॐ सौम्याय नमः