शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ अहर्पतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसूर्य-तेज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य (दिन के स्वामी) के समान तेजस्वी देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आलस्य का नाश और जीवन में प्रकाश
विस्तृत लाभ
आलस्य का नाश और जीवन में प्रकाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥
ॐ पानपाय नमः।
ॐ पुरारातये नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
कामदेवाय सर्वजनप्रियाय सर्वजनसम्मोहनाय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल सर्वजनस्य हृदयं मे वशं कुरु कुरु स्वाहा ॥
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥