शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ अनन्तदृष्टये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपअनन्त दृष्टि
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी दृष्टि देश और काल की सीमाओं को लांघकर अनन्त तक देखती है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दिव्य दृष्टि
विस्तृत लाभ
दिव्य दृष्टि
जप काल
ध्यान
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नैऋत्ये क्रोध भैरवाय नमः नैऋत्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भूतभविष्यत् तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
ॐ पुण्यश्लोकाय नमः