शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ बलानुयायिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपआदर्श भ्राता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बड़े भाई बलराम जी का अनुसरण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बड़ों के आज्ञा-पालन का भाव
विस्तृत लाभ
बड़ों के आज्ञा-पालन का भाव
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मितभाषिणे नमः
ॐ कदम्बवनसञ्चारायै नमः
ॐ आहूताय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥
ॐ दुर्गमज्ञानदायै नमः