शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ भोक्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वयं ही प्रकृति का उपभोग करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग
विस्तृत लाभ
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग 81
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वां रौं अलुप्तशक्तिधाम्ने सद्योजातात्मने कनिष्ठिकाभ्यां नमः
ॐ परात्पराय नमः
ॐ कस्तूरीमृगतोषिण्यै नमः
तडित्सुवर्णचम्पकप्रदीप्तगौरविग्रहे मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले। विचित्रचित्रसञ्चरच्चकोरशावलोचने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ धीरोदात्ताय नमः
गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करीषिणीम्। ईश्वरीं सर्वभूतानां तामिहोपह्वये श्रियम्॥