शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
टिप्पणी
नीलकंठ - विषपायी और दयालु
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धनवते नमः।
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वैभवलक्ष्म्यै नमः।
ॐ लोहिताक्षाय नमः