शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ चतुरात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चार स्वभाव (जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय) वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्यक्तित्व का चहुँमुखी विकास
विस्तृत लाभ
व्यक्तित्व का चहुँमुखी विकास 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परतत्त्वाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।
ॐ चिरञ्जीविने नमः
ॐ कृष्णसेवापरायणायै नमः
ॐ नारायणमनोहराय नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥