शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पाप-ताप और उल्कापात निवारण हेतु
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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ग्रहीय दोषों, पापों और महा-उपसर्गों से त्वरित सुरक्षा
विस्तृत लाभ
ग्रहीय दोषों, पापों और महा-उपसर्गों से त्वरित सुरक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भगनेत्रभिदे नमः
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ योगिनांपतये नमः
ॐ भैरवाडम्बराय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
अमरिडर थीर अमराम् पुरिन्थाकुमरन आदि नेञ्जे कुरि