भूतगणाधिसेवित मंत्र
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका मुख हाथी के समान है, जो भूतगणों द्वारा सेवित हैं, जो कैथा और जामुन चाव से खाते हैं, जो उमा के पुत्र हैं और शोक का नाश करने वाले हैं, उन विघ्नेश्वर को मैं नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक शोक, अवसाद और असाध्य दुखों का शमन
विस्तृत लाभ
मानसिक शोक, अवसाद और असाध्य दुखों का शमन।
जप काल
घोर संकट या दुःख के समय करबद्ध होकर।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनेकायुधयुक्ताय नमः।
ॐ मखरूपायै नमः
सुवर्णवेष्टितं चाङ्गे लक्ष्मीमन्त्रं शतक्रतो। तस्यायुषो भवेद् वृद्धिः सर्वत्र विजयी महान्॥
ॐ अष्टमूर्तये नमः
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ राक्षसामरगन्धर्वकोटिकोट्यभिवन्दिताय नमः