शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ गुह्यं मे पातु गुह्यानां मन्त्राणां गुह्यरूपधृक्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगुह्य अंग / मंत्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गुप्त मंत्रों के गुह्य रूप को धारण करने वाले मेरे गुह्य अंगों की रक्षा करें। (चारित्रिक स्खलन से बचाव)।
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