शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ गुणाकराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपगुणों के खान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त सद्गुणों की खान (आकर) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
ॐ शिवनन्दनाय नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
प्राणश्च मेऽपानश्च मे व्यानश्च मे...
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्।