शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ हरिप्रियायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाकाल्यै नमः
ॐ परतत्त्वाय नमः
ॐ मदोत्कटाय नमः
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम गृह क्लेश निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।