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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री हनुमत् कल्पोक्त रुद्रात्मक अस्त्र मंत्र

ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकाररुद्रावतार मारण-उच्चाटन अस्त्र मंत्र
स्वरूपरुद्रावतार / उग्र हनुमान
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

रुद्र के साक्षात् अंशावतार भगवान हनुमान को 'हुं' और 'फट्' (अस्त्र बीज) के माध्यम से मेरा नमन है, वे मेरे समस्त शत्रुओं और बाधाओं का शमन करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

घोर शत्रुओं का दमन, महापापों (Mahapatakas) का नाश और त्वरित अस्त्र-सिद्धि

02

यह मंत्र तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति रखता है

विस्तृत लाभ

घोर शत्रुओं का दमन, महापापों (Mahapatakas) का नाश और त्वरित अस्त्र-सिद्धि। यह मंत्र तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति रखता है 30।

जप काल

एकांत स्थान, नदी तट, वन या पर्वत पर रुद्राक्ष माला से ध्यान और जप। (भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को उपदिष्ट) 30।

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